बीएलए का दावा : सात पाकिस्तानी सैनिकों को बनाया बंदी, सात दिन का अल्टीमेटम

क्वेटा में सक्रिय संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने हालिया कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के सात सैन्य कर्मियों को बंदी बना लिया है। संगठन ने इन सैनिकों को युद्धबंदी बताते हुए उनकी रिहाई के बदले बलूच राजनीतिक कैदियों तथा कथित रूप से लापता लोगों की रिहाई की मांग की है।
बीएलए ने बयान जारी कर पाकिस्तान सरकार को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो बंदियों के खिलाफ तथाकथित बलूच नेशनल कोर्ट में कार्रवाई की जा सकती है। बीएलए का कहना है कि यह कार्रवाई बलूचिस्तान क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का हिस्सा है और उसने सुरक्षा बलों पर बलूच नागरिकों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
हालांकि इस पूरे मामले पर पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी फिलहाल नहीं हो सकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पहले से संवेदनशील बलूचिस्तान क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकती हैं। यहां कई दशकों से अलगाववादी गतिविधियां, सुरक्षा अभियान और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को लेकर संघर्ष जारी है। मौजूदा घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक और विश्वसनीय जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।













