2 महीने से वेतन नहीं, ट्रेनों की सफाई ठप
जबलपुर कोचिंग डिपो में महिला कर्मचारियों का कामबंद, ठेकेदार कंपनी पर भुगतान टालने का आरोप

जबलपुर।पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय स्थित जबलपुर के कोचिंग डिपो में शनिवार सुबह उस समय हंगामा मच गया, जब ट्रेनों की साफ-सफाई का काम करने वाले कर्मचारियों ने दो माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में कामबंद हड़ताल शुरू कर दी। बड़ी संख्या में कर्मचारी डिपो के मुख्य गेट पर बैठ गए, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई।
“हर महीने वेतन के लिए गिड़गिड़ाना पड़ता है”
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। उनका कहना है कि वे पूरे महीने ट्रेनों की साफ-सफाई का कठिन काम करती हैं, जिसमें यात्रियों द्वारा छोड़ी गई गंदगी को भी पूरी जिम्मेदारी से साफ करना शामिल है। इसके बावजूद समय पर वेतन नहीं दिया जाता।
महिला कर्मचारियों ने बताया कि फरवरी माह समाप्त होने को है, लेकिन जनवरी का वेतन भी नहीं मिला है। उनका आरोप है कि वेतन भुगतान के लिए हर बार उन्हें गुहार लगानी पड़ती है।
ठेकेदार कंपनी पर आरोप
कर्मचारियों ने लखनऊ की आरएन इंडस्ट्री नामक ठेकेदार कंपनी पर समय पर भुगतान न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कंपनी के सुपरवाइजर यह कहकर मामला टाल देते हैं कि डीआरएम कार्यालय में बिल रुका हुआ है और बिल पास होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पीएफ (भविष्य निधि) का भी कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
रेल प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि संबंधित ठेकेदार कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और हर माह की 7 तारीख से पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, पीएफ की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है।हड़ताल के चलते डिपो में सफाई कार्य प्रभावित हुआ है। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन और ठेकेदार कंपनी इस विवाद को किस तरह सुलझाते हैं।












