होलिका दहन में उपलों एवं गौकाष्ठ के उपयोग को प्रोत्साहित करने कलेक्टर ने दिये अधिकारियों को निर्देश

सिंगरौली -कलेक्टर गौरव बैनल ने जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, थाना प्रभारियों एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों को प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुरूप जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए होलिका दहन में लकड़ियों के स्थान पर गो-काष्ठ और गोबर के उपलों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर श्री बैनल ने अधिकारियों से कहा है कि जनसहयोग एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से प्रयास किये जायें की होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ का प्रयोग हो। साथ ही पर्यावरण सरंक्षण और पानी बचाने के लिये प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों से होली खेलने तथा होली का उत्सव भाईचारे से मनाने के लिये नागरिकों को प्रोत्साहित किया जाये।
कलेक्टर ने होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये जिले के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक रूप से होलिका दहन करने वाली संस्थाओं का पंचायतों, तहसीलों एवं नगरीय निकायों में निःशुल्क पंजीयन की व्यवस्था करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये हैं। कलेक्टर ने कहा है कि होलिका दहन में पूर्ण रूप से उपलों एवं गौकाष्ठ का उपयोग करने वाली संस्थाओं को पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही ऐसी संस्थाओं एवं उनके पदाधिकारियों को माननीय मुख्यमंत्री मंत्री जी की ओर से तैयार किया गया पर्यावरण सरंक्षण से संबंधित प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जायेगा।ज्ञात हो कि राज्य शासन ने पर्यावरण सरंक्षण और सामाजिक सद्भाव के संदेश के साथ इस वर्ष होली का पावन पर्व मनाने तथा होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों एवं गौकाष्ठ के उपयोग करने के लिये नागरिकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को दिये हैं।













