राइजिंग भारत समिट में कंगना का ‘पाटोला पावर’: राजनीति के मंच पर हैंडलूम की शाही मौजूदगी

मुंबई। राइजिंग भारत समिट 2026 के मंच पर अभिनेत्री से सांसद बनीं कंगना रनौत ने एक बार फिर अपने अंदाज से सबका ध्यान खींच लिया। लाल–पीले रंग की पारंपरिक पाटोला सिल्क साड़ी में उनकी मौजूदगी सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं रही, बल्कि भारतीय टेक्सटाइल विरासत का दमदार प्रदर्शन बन गई। कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
डबल इकट बुनाई की शान
कंगना की साड़ी में गुजरात की ऐतिहासिक पाटोला कला की पहचान—डबल इकट बुनाई—साफ नजर आई। गहरे लाल रंग पर पीले शेड का संतुलन और सटीक ज्यामितीय पैटर्न ने पूरे लुक को राजसी गरिमा दी। इसके साथ उन्होंने लाल रंग का ब्लाउज पहना, जिसकी आस्तीनों पर हल्का सुनहरा काम था। राजनीतिक मंच की गंभीरता और सिनेमा की भव्यता का संतुलन उनके लुक की खासियत रहा।
पारंपरिक गहनों के साथ आधुनिक स्पर्श
एक्सेसरीज़ में उन्होंने मोतियों और हरे पत्थरों से सजे इयर चेन, छोटी बिंदी और स्लीक गोल्ड वॉच पहनी। बालों को सलीके से बांधा गया, जिससे साड़ी का पैटर्न उभरकर सामने आया। फैशन विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्टाइलिंग भारतीय विरासत को समकालीन संदर्भ में प्रस्तुत करने का संतुलित उदाहरण है।
क्यों खास है पाटोला?
गुजरात की पाटोला साड़ी अपनी जटिल डबल इकट बुनाई के लिए जानी जाती है। इसमें धागों को पहले रंगा जाता है और फिर महीनों की मेहनत से सटीक पैटर्न में बुना जाता है। असली पाटोला की कीमत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है, इसलिए इसे “क्वीन ऑफ टेक्सटाइल्स” भी कहा जाता है।
हालांकि, बाजार में पावरलूम और प्रिंटेड पाटोला साड़ियां भी उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 1000 से 4000 रुपये के बीच है। डोला सिल्क, सिल्क ब्लेंड और मीना कारी इफेक्ट जैसे विकल्पों में भी पाटोला लुक पाया जा सकता है।
ऐसे पाएं कंगना जैसा लुक
साड़ी का फॉल क्रिस्प हो, ताकि प्लीट्स साफ दिखें।
ब्लाउज फिटिंग वाला और कोहनी तक आस्तीन वाला चुनें।
गहनों में पारंपरिक झुमके या इयर चेन बेहतर रहेंगे।
मेकअप सटल रखें और लाल–पीले कॉन्ट्रास्ट का चयन करें।
‘पावर ड्रेसिंग’ के रूप में साड़ी
फैशन विश्लेषकों का मानना है कि कंगना ने इस मंच से यह संदेश दिया कि भारतीय पारंपरिक परिधान भी सार्वजनिक जीवन और राजनीति में प्रभावशाली ढंग से पहने जा सकते हैं। इसे “इंडियन टेक्सटाइल्स का सेलिब्रेशन” बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब सार्वजनिक हस्तियां हैंडलूम को अपनाती हैं तो उसका सीधा असर बाजार और उपभोक्ता रुझानों पर पड़ता है। ऐसे में आने वाले दिनों में पाटोला साड़ियों की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, राइजिंग भारत समिट 2026 में कंगना रनौत का यह पाटोला लुक विरासत, शिल्प और आधुनिकता का संगम बनकर उभरा—जिसने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय पारंपरिक वस्त्र आज भी सबसे प्रभावशाली और कालातीत फैशन स्टेटमेंट हैं।












