गुवाहाटी: चुनाव से पहले असम की सियासत में बड़ा उलटफेर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Bordoloi भाजपा में शामिल गुवाहाटी। असम की राजनीति में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Pradyut Bordoloi ने पार्टी से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party (भाजपा) का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने Bordoloi के इस फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है। असम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi ने कहा कि पार्टी इस निर्णय से निराश है, लेकिन इसे उनका व्यक्तिगत फैसला मानती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने Bordoloi को हमेशा अहम जिम्मेदारियां दीं—उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट दिया गया और विधानसभा चुनाव में उनके परिवार को भी प्रतिनिधित्व दिया गया, बावजूद इसके उन्होंने पार्टी छोड़ दी। दरअसल, नगांव से सांसद रहे Bordoloi ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाया था कि पार्टी के भीतर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। Bordoloi का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और हाल ही में पार्टी की चुनावी घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी ‘चार्जशीट’ भी तैयार की थी। ऐसे में उनका भाजपा में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर रहा है। कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। धुबरी से सांसद Rakibul Hussain ने कहा कि Bordoloi ने पहले भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे और अब उसी पार्टी में शामिल हो गए हैं, जो राजनीतिक नैतिकता पर सवाल खड़ा करता है। वहीं, Gaurav Gogoi ने Bordoloi के बेटे प्रतीक Bordoloi को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को उनके प्रति सहानुभूति है और कांग्रेस उनका समर्थन जारी रखेगी। प्रतीक Bordoloi को मार्घेरिटा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है, ऐसे में पिता के भाजपा में जाने के बाद उनके रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं। आगामी विधानसभा चुनाव (9 अप्रैल) से पहले हुए इस घटनाक्रम को दोनों दलों के लिए अहम माना जा रहा है। जहां भाजपा इसे अपनी मजबूती के रूप में देख रही है, वहीं कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खासकर नगांव और आसपास के क्षेत्रों में Bordoloi का प्रभाव चुनावी समीकरण बदल सकता है। फिलहाल, असम की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं।

गुवाहाटी। असम की राजनीति में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Pradyut Bordoloi ने पार्टी से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party (भाजपा) का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
कांग्रेस ने Bordoloi के इस फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है। असम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi ने कहा कि पार्टी इस निर्णय से निराश है, लेकिन इसे उनका व्यक्तिगत फैसला मानती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने Bordoloi को हमेशा अहम जिम्मेदारियां दीं—उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट दिया गया और विधानसभा चुनाव में उनके परिवार को भी प्रतिनिधित्व दिया गया, बावजूद इसके उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
दरअसल, नगांव से सांसद रहे Bordoloi ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाया था कि पार्टी के भीतर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
Bordoloi का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और हाल ही में पार्टी की चुनावी घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी ‘चार्जशीट’ भी तैयार की थी। ऐसे में उनका भाजपा में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर रहा है।
कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। धुबरी से सांसद Rakibul Hussain ने कहा कि Bordoloi ने पहले भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे और अब उसी पार्टी में शामिल हो गए हैं, जो राजनीतिक नैतिकता पर सवाल खड़ा करता है।
वहीं, Gaurav Gogoi ने Bordoloi के बेटे प्रतीक Bordoloi को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को उनके प्रति सहानुभूति है और कांग्रेस उनका समर्थन जारी रखेगी। प्रतीक Bordoloi को मार्घेरिटा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है, ऐसे में पिता के भाजपा में जाने के बाद उनके रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव (9 अप्रैल) से पहले हुए इस घटनाक्रम को दोनों दलों के लिए अहम माना जा रहा है। जहां भाजपा इसे अपनी मजबूती के रूप में देख रही है, वहीं कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खासकर नगांव और आसपास के क्षेत्रों में Bordoloi का प्रभाव चुनावी समीकरण बदल सकता है।फिलहाल, असम की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं।













