
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई यात्रा के किरायों को लेकर एक अहम फैसला लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में घरेलू हवाई किराए पर लगाई गई अस्थायी सीमा (Cap) को हटाने का आदेश जारी कर दिया है। यह नया नियम कल, यानी 23 मार्च 2026 से देशभर में प्रभावी हो जाएगा।
क्यों लगाई गई थी किराए पर सीमा?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल 6 दिसंबर को इंडिगो (IndiGo) एयरलाइंस की उड़ानों में बड़े पैमाने पर आई बाधाओं के कारण टिकटों की कीमतों में अचानक असामान्य वृद्धि देखने को मिली थी। यात्रियों को इस परेशानी और मनमाने किराए से बचाने के लिए सरकार ने घरेलू उड़ानों के किराए पर एक अस्थायी सीमा लगा दी थी। मंत्रालय ने हालिया समीक्षा में पाया कि अब स्थिति स्थिर हो गई है, क्षमता बहाल हो चुकी है और परिचालन पूरी तरह सामान्य है, जिसके चलते इस सीमा को हटाने का निर्णय लिया गया।
एयरलाइंस को मंत्रालय की सख्त हिदायत
किराए से सीमा हटाने के साथ ही सरकार ने एयरलाइंस कंपनियों को कड़ी चेतावनी भी दी है। मंत्रालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है:
पारदर्शिता और अनुशासन: एयरलाइंस को किराया निर्धारण में अनुशासन बनाए रखना होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि किराया उचित, पारदर्शी और बाजार की स्थितियों के अनुरूप हो।
यात्रियों के हितों का ध्यान: किराए का निर्धारण इस तरह हो कि यात्रियों की जेब पर इसका खराब या अनुचित प्रभाव न पड़े।
आपात स्थिति में मनमानी पर रोक: मांग बढ़ने (सर्ज), किसी व्यवधान या आपात स्थिति के दौरान किराए में अत्यधिक या अनुचित वृद्धि को सरकार गंभीरता से लेगी और सख्त कार्रवाई करेगी।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर मंडरा रहा संकट
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण एयरलाइंस कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों के संचालन में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। मंत्रालय फिलहाल हवाई किराए के रुझानों पर रियल-टाइम (वास्तविक समय) के आधार पर कड़ी नजर रख रहा है।













