नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: 51 बकाएदार दुकानदारों को 7 दिन का अल्टीमेटम, किराया नहीं चुकाया तो नीलाम होंगी दुकानें

सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली ने शासकीय संपत्तियों का किराया लंबे समय से दबाए बैठे 51 दुकानदारों के खिलाफ अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। निगम प्रशासन ने इन सभी बकाएदारों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए बकाया राशि जमा करने के लिए 7 दिन की मोहलत दी है। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि इस निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं किया गया, तो संबंधित दुकानों का आवंटन निरस्त कर उन्हें सील कर दिया जाएगा और पुनः नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर आर.पी. बैस ने बताया कि निगम की राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शासकीय संपत्तियों के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है। बार-बार सूचना देने के बावजूद दुकानदारों द्वारा किराया जमा नहीं किए जाने के कारण निगम को अब यह सख्ती बरतनी पड़ रही है।
विभिन्न क्षेत्रों के बकाएदारों की सूची और बकाया राशि:
निगम द्वारा जारी सूची के अनुसार शहर के अलग-अलग व्यावसायिक परिसरों के 51 दुकानदारों पर लाखों रुपये का बकाया है:आईडीएसएमटी वैढ़न क्षेत्र (24 दुकानदार): इस क्षेत्र में प्रमुख बकाएदारों में राजेश शुक्ला (₹2,05,321), निर्मला मिश्रा (₹1,70,178), बेला शाह (₹1,68,575), संजीव द्विवेदी (₹1,67,995), ऋचा अग्निहोत्री (₹1,60,375), सुनील पाण्डेय (₹1,50,275), जाहिदा परवीन (₹1,41,475) सहित कुल 24 दुकानदारों के नाम शामिल हैं।
स्टेडियम शॉप वैढ़न क्षेत्र (14 दुकानदार): यहाँ पदमधरपति तिवारी (₹3,49,012), राजकुमार पनिका (₹2,86,186), रमेश धरमपाल विश्वकर्मा (₹1,56,915), शैलेश कुमार मिश्रा (₹1,53,700), दिनेश कुमार वर्मा (₹1,30,807) सहित 14 लोगों ने किराया जमा नहीं किया है।
महाराणा कॉम्प्लेक्स एवं माजन कार्यालय परिसर (11 दुकानदार): इस क्षेत्र में सबसे बड़ा बकाया यूनियन बैंक संजय नगर शाखा पर (₹7,56,418) है। इसके अलावा बन्दकेश सिंह (₹2,16,546), विजय कुमार सिंह (₹1,42,509), राजेन्द्र कुमार गुप्ता (₹95,448) सहित 11 लोगों को नोटिस जारी हुआ है।
सुलभ कॉम्प्लेक्स (2 दुकानदार): यहाँ पृथ्वीराज सिंह पर ₹71,779 और गजेन्द्र सिंह पर ₹50,013 का किराया बकाया है।
7 दिन बाद होगी सीधी कार्रवाई
डिप्टी कमिश्नर आर.पी. बैस ने स्पष्ट किया है कि सभी 51 बकाएदारों को 7 दिवस का यह अंतिम अवसर दिया गया है। इसके बाद किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी और सीधे आवंटन निरस्तीकरण व नीलामी की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।












