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कोटा में श्रीराम कथा: हनुमान मिलन से लेकर रावण वध और राम राज्याभिषेक का वर्णन

शक्तिनगर,सोनभद्र। शक्तिनगर क्षेत्र के परसवार चौबे कोटा में आयोजित नव दिवसीय संगीतमय रुद्र महायज्ञ एवं श्रीराम कथा के आठवें दिन हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, रावण संहार और भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया।

कथावाचक देवेश कृष्ण जी महाराज ने रामायण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला, नैतिकता और कर्तव्य का मार्गदर्शन करने वाला ग्रंथ है। उन्होंने बताया कि भगवान राम और हनुमान जी का मिलन किष्किंधा के ऋष्यमूक पर्वत पर हुआ, जहां हनुमान ने प्रभु को पहचानकर स्वयं को उनके चरणों में समर्पित कर दिया।

कथा में सुग्रीव से मित्रता, बाली वध, सीता खोज, लंका दहन, संजीवनी प्रसंग और रावण वध का वर्णन किया गया। अंत में भगवान श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटने और राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाया गया।कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरा वातावरण ‘जय श्रीरामÓ के जयघोष से गूंजता रहा।

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