
नई दिल्ली। भारतीय ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर भारत के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने इस मामले में “नैतिक श्रेष्ठता” नहीं दिखाई और ताकतवर देशों के साथ खड़ा नजर आया।
एक बातचीत में पित्रोदा ने कहा कि ऐसे वैश्विक विवादों में अधिक से अधिक देशों को शांति स्थापित करने की कोशिश करनी चाहिए। पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता के दावे पर उन्होंने कहा कि हर देश को प्रयास करने का अधिकार है और जितने अधिक प्रयास होंगे, समाधान की संभावना उतनी बढ़ेगी।
राहुल गांधी के रुख पर पूछे गए सवाल के जवाब में पित्रोदा ने कहा कि यह किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि उन मूल्यों के पक्ष में है, जिन पर भारत की नींव रखी गई है—जैसे लोकतंत्र, विविधता, सत्य और आपसी सम्मान। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के विचारों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यही मूल्य देश की पहचान हैं।
वहीं नक्सलवाद के मुद्दे पर पित्रोदा ने कहा कि वे संवाद में विश्वास रखते हैं, न कि बल प्रयोग में। उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्याओं की जड़ को समझना जरूरी है और सभी पक्षों के दृष्टिकोण से स्थिति को देखना चाहिए।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।













