126 पंचायतों का बोझ एक ही कंधे पर! चितरंगी जनपद में ‘डबल जिम्मेदारी’ पर उठे सवाल, कामकाज पर असर की आशंका

चितरंगी (सिंगरौली)। जनपद पंचायत चितरंगी में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, यहां ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के दो सहायक यंत्री पदस्थ होने के बावजूद 126 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी एक ही सहायक यंत्री के कंधों पर डाल दी गई है। इससे कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि पंचायत राज ग्रामीण विकास विभाग की गाइडलाइन के अनुसार 100 से अधिक पंचायतों वाले जनपद में दो सहायक यंत्रियों की नियुक्ति और सक्रिय भूमिका अनिवार्य होती है, ताकि निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। लेकिन चितरंगी में इसके विपरीत व्यवस्था देखने को मिल रही है।
इधर, जनपद पंचायत के नवीन भवन निर्माण का कार्य भी चर्चा में है। इस परियोजना का भूमि पूजन राज्य मंत्री राधा सिंह द्वारा किया जा चुका है, लेकिन आरोप है कि तकनीकी जिम्मेदारी सहायक यंत्री और उपयंत्री के बजाय अन्य अमले से कराई जा रही है, जिससे प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि विभागीय स्तर पर सहायक यंत्रियों के साथ कथित असमान व्यवहार भी सामने आ रहा है। एक ओर जहां एक अधिकारी पर अत्यधिक कार्यभार है, वहीं दूसरे को नजरअंदाज किए जाने की चर्चा है। इससे न केवल कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।
जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं। फिलहाल पूरे मामले में विभागीय चुप्पी बनी हुई है, जिससे सवाल और गहराते जा रहे हैं।













