देवसर बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बनी दिखावे की रस्म
बाईपास और पार्किंग की समस्या बरकरार, प्रशासन पर उठे सवाल

सिंगरौली। देवसर बाजार में प्रशासन द्वारा हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई और बाजार की मूल समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन कुछ घंटों या एक-दो दिन की कार्रवाई कर फोटो और प्रचार तक सीमित रह जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार दिखाई नहीं देता। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या यह अभियान वास्तव में यातायात और बाजार व्यवस्था सुधारने के लिए था या केवल प्रशासनिक सक्रियता दिखाने के लिए।
बाईपास की कमी से बढ़ रहा खतरा
देवसर बाजार की सबसे बड़ी समस्या बाईपास मार्ग का अभाव बताया जा रहा है। भारी वाहन बाजार के बीच से गुजरते हैं, जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं और लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन वर्षों से उठ रही बाईपास की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
पार्किंग व्यवस्था नहीं, घंटों लगता है जाम
बाजार में पार्किंग स्थल नहीं होने के कारण सड़क किनारे वाहन खड़े रहते हैं। इससे यातायात प्रभावित होता है और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि यदि व्यवस्थित पार्किंग बना दी जाए तो बाजार की आधी समस्या स्वतः समाप्त हो सकती है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल खानापूर्ति वाली कार्रवाई के बजाय बाईपास निर्माण और पार्किंग व्यवस्था जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।













