CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव खारिज, संसद में गरमाई सियासत

नई दिल्ली। संसद में चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्ष द्वारा लाया गया महाभियोग प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, 12 मार्च 2026 को पेश किए गए इस प्रस्ताव पर लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों के हस्ताक्षर थे। प्रस्ताव में संविधान के अनुच्छेद 324(5) समेत संबंधित कानूनों का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई थी।
लोकसभा बुलेटिन के मुताबिक, स्पीकर ओम बिरला ने सभी तथ्यों और कानूनी पहलुओं का गहन परीक्षण करने के बाद जज (इन्क्वायरी) एक्ट, 1968 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रस्ताव को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। इसी तरह राज्यसभा बुलेटिन में भी प्रस्ताव खारिज किए जाने की सूचना दी गई।
इस फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए चिंताजनक संकेत है।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर बहस छेड़ दी है। संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान बढ़ता नजर आ रहा है।













