परिसीमन पर सियासी घमासान के बीच गृह मंत्री का बड़ा बयान
सीटें 543 से बढ़कर 850 तक संभव; दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी घटने की आशंका को किया खारिज

नई दिल्ली। लोकसभा सीटों के पुनर्वितरण यानी परिसीमन को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन से किसी भी राज्य, खासकर दक्षिण भारत के राज्यों की ताकत कम नहीं होगी, बल्कि उनकी हिस्सेदारी में मामूली बढ़ोतरी ही होगी।
लोकसभा में संबोधन के दौरान उन्होंने बताया कि मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर करीब 815 से 850 तक किया जा सकता है। साथ ही संसद में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान भी शामिल रहेगा।
गृह मंत्री ने कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि सीटों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन प्रतिनिधित्व का प्रतिशत लगभग समान या थोड़ा अधिक रहेगा। उन्होंने बताया कि पांचों दक्षिणी राज्यों की कुल सीटें 129 से बढ़कर 195 हो सकती हैं।
इस मुद्दे पर अर्जुन राम मेघवाल ने भी कहा कि सभी राज्यों की सीटों में लगभग 50% वृद्धि कर संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज है और आने वाले समय में संसद में इस पर व्यापक चर्चा की संभावना है।













