ताजा अपडेट- 5 करोड़ के सोने और 20 लाख नकदी की डकैती, असल कीमत 10 करोड़ तक होने का अनुमान
बैढ़न में बैंक ऑफ महाराष्ट्र बना निशाना, 20 मिनट तक बंधक बनाकर वारदात; मैनेजर पर हमला

सिंगरौली। जिले के मुख्यालय बैढ़न में शुक्रवार दोपहर बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में हुई बड़ी डकैती ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। पांच हथियारबंद बदमाशों ने बैंक में घुसकर कर्मचारियों और ग्राहकों को करीब 20 मिनट तक बंधक बनाए रखा और सोना व नकदी लूटकर फरार हो गए।
पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री के अनुसार, घटना दोपहर 12:50 बजे के आसपास हुई। बदमाशों में एक आरोपी हेलमेट पहने हुए था, जबकि एक बाहर निगरानी करता रहा। बाकी आरोपी बैंक के अंदर घुसकर हथियारों के बल पर सभी को काबू में कर लिया और एक कोने में बैठा दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
लॉकर खुलवाकर लूटा सोना और नकदी
बदमाशों ने बैंक स्टाफ को धमकाते हुए लॉकर खुलवाए और वहां रखे सोने के जेवरात व नकदी लूट ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लुटेरे करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और लगभग 20 लाख रुपये नकद लेकर फरार हुए। यह सोना उन ग्राहकों का बताया जा रहा है, जिन्होंने बैंक से गोल्ड लोन लिया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, बैंक आमतौर पर गोल्ड लोन देते समय सोने के वास्तविक मूल्य का लगभग आधा ही ऋण प्रदान करते हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि जिस सोने को 5 करोड़ रुपये के ऋण के रूप में दर्ज किया गया था, उसकी वास्तविक बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
मैनेजर पर हमला, फायरिंग से दहशत
घटना के दौरान बदमाशों ने बैंक मैनेजर से चाबी मांगी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और बंदूक की बट से सिर पर वार कर घायल कर दिया गया। दहशत फैलाने के लिए एक राउंड फायरिंग भी की गई, जिससे बैंक में मौजूद लोग सहम गए।
सुरक्षा में चूक आई सामने
जांच में सामने आया है कि वारदात के समय बैंक में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। इस बड़ी लापरवाही का फायदा उठाकर बदमाश आसानी से अंदर घुसे और घटना को अंजाम दिया। अब यह पहलू जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, सीमाएं सील
घटना के बाद पुलिस ने जिले में हाई अलर्ट जारी करते हुए सभी सीमाएं सील कर दी हैं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश में कई टीमों को लगाया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह वारदात न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।













