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सिंगरौली को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में अभियान तेज

सिंगरौली; अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों की रोकथाम के लिए जिले में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के मार्गदर्शन और जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जितेंद्र गुप्ता के निर्देशन में राजीव गांधी महाविद्यालय देवरी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह विरोधी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान बाल संरक्षण अधिकारी श्री नीरज शर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों और युवाओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून के अनुसार विवाह की न्यूनतम आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है।उन्होंने कहा कि यदि कोई 18 वर्ष से अधिक आयु का पुरुष किसी बालिका से विवाह करता है, तो उसे 2 वर्ष तक कठोर कारावास या 1 लाख रुपये तक जुर्माना, अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। इसी प्रकार विवाह कराने, आयोजित करने या उसे बढ़ावा देने वाले व्यक्तिकृजैसे पुजारी या अभिभावककृभी समान दंड के भागीदार होंगे।

 

उन्हाने यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह से संबंधित अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं, जिससे पुलिस बिना वारंट के कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह को शून्यकरणीय माना गया है, और विवाह के समय जो पक्षकार बच्चा था, वह 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के दो वर्ष के भीतर विवाह को निरस्त करा सकता है।इसके अलावा, बालिका को विवाह के बाद रखरखाव और आवास का अधिकार भी कानून द्वारा सुनिश्चित किया गया है।

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