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हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलते ही राहत: तेल कीमतों में गिरावट, भारत आ रहे 41 जहाज

वैश्विक सप्लाई चेन पटरी पर, ऊर्जा और खेती क्षेत्र को बड़ा फायदा

नई दिल्ली। हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने के साथ ही वैश्विक बाजार में राहत का माहौल बन गया है। कुछ दिन पहले तक जहां तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से दुनिया भर में चिंता थी, वहीं अब स्थिति सामान्य होती नजर आ रही है। गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो गई थी।

भारत के लिए बड़ी राहत, 41 जहाज रवाना

हॉर्मुज खुलते ही भारत के लिए 41 जहाज आगे बढ़ने को तैयार हैं, जिनमें कच्चा तेल, एलपीजी, एलएनजी और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुएं लदी हैं। इनमें 15 भारतीय और 26 विदेशी जहाज शामिल हैं। खास बात यह है कि एक दर्जन से अधिक जहाज उर्वरक लेकर आ रहे हैं, जो खरीफ सीजन से पहले बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारतीय जहाजों में 10 क्रूड ऑयल, 4 एलपीजी और 3 एलएनजी लेकर आ रहे हैं।

तेल कीमतों में भारी गिरावट

हॉर्मुज खुलने का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। कारोबार के दौरान कीमतें 87.9 डॉलर तक फिसल गईं। वहीं अन्य सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई है, जिससे ईंधन लागत कम होने की उम्मीद बढ़ी है।

फ्रेट रेट घटने से कारोबार को बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री मार्ग खुलने से परिवहन लागत (फ्रेट रेट) में कमी आएगी, जिससे निर्यात और आयात दोनों को फायदा होगा। पहले जहां कंटेनर शिपिंग की लागत कई गुना बढ़ गई थी, अब उसमें कमी आने की संभावना है। इससे व्यापारियों और निर्यातकों को राहत मिलेगी।

आने वाले दिनों में पूरी तरह सामान्य होंगे हालात

अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। आमतौर पर हॉर्मुज मार्ग से भारत पहुंचने में 4 से 6 दिन का समय लगता है। ऐसे में ऊर्जा आपूर्ति पर बना दबाव जल्द ही खत्म होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और भारत जैसे देशों के लिए बड़ी राहत सामने आई है।

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