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सिंगरौली में आदर्श परिवहन मॉडल लागू, 10 बिंदुओं पर सख्ती से अमल

सिंगरौली। सिंगरौली जिले में परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने “आदर्श परिवहन मॉडल” लागू करने की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है। परिवहन आयुक्त के निर्देशों के तहत 10 प्रमुख बिंदुओं पर सख्ती से अमल किया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।

इस कार्ययोजना में 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों पर नियंत्रण, प्रदूषण मानकों का पालन, फिटनेस, परमिट और बीमा की अनिवार्यता, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नशा मुक्त ड्राइविंग और स्पीड लिमिट नियंत्रण जैसे बिंदु शामिल हैं। साथ ही सार्वजनिक परिवहन में पैनिक बटन, आपातकालीन खिड़की, निर्धारित स्टॉप और रूट चार्ट लागू किए जाएंगे।

इसके अलावा ओवरलोडिंग, बिना तिरपाल ढके मालवाहन और छोटे वाहनों में खुले में खतरनाक सामग्री ढोने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानकों के अनुसार सभी वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) अनिवार्य कर दिया है।
बिना फिटनेस और वैध दस्तावेज वाले वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा, जबकि नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। स्पीड गन और कैमरों के माध्यम से गति पर निगरानी रखी जाएगी।

चालान, परमिट और फिटनेस से जुड़ी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। चेक पॉइंट प्रभारी विभा उइके के नेतृत्व में टीम इस मॉडल को प्रभावी रूप से लागू करने में जुटी है।प्रशासन का मानना है कि इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में कमी, प्रदूषण नियंत्रण, राजस्व वृद्धि और आमजन का विश्वास मजबूत होगा। साथ ही सिंगरौली को प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश का आदर्श परिवहन जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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