15 दिन बाद भी बैंक लूट का सुराग नहीं, अब तक एक ही आरोपी हुुुआ आगिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार
दिनदहाड़े हुई वारदात के बाद भी मुख्य आरोपी फरार, “हाईटेक पुलिसिंग” के दावे कटघरे में

सिंगरौली। जिले में 17 अप्रैल को हुई सनसनीखेज बैंक लूट की गुत्थी 15 दिन बाद भी नहीं सुलझ सकी है। कोतवाली थाना क्षेत्र के विंध्यनगर रोड स्थित बैंक में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य बदमाश पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
घटना के दौरान हथियारबंद बदमाशों ने करीब 15 मिनट तक बैंक के भीतर दहशत फैलाते हुए कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाए रखा और नकदी व जेवरात लूटकर फरार हो गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के समय और उसके तुरंत बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंच सकी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बदमाश पूरी तैयारी और रेकी के साथ आए थे, जिससे साफ है कि वारदात सुनियोजित थी। इसके बावजूद पुलिस की खुफिया व्यवस्था पूरी तरह नाकाम नजर आई। घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे और सख्त निर्देशों के बावजूद जांच की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
व्यापारी वर्ग और स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब बैंक जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान भी अपराधियों के निशाने पर हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि अपराध रोकने के बजाय केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई की जाती है।
हालांकि पुलिस का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में टीमें भेजी गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई बड़ा खुलासा न होने से इन दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
यह मामला “हाईटेक पुलिसिंग” के दावों की हकीकत उजागर करता है। 15 दिन बाद भी ठोस परिणाम न आना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि आखिर इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड का खुलासा कब होगा।













