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रतलाम-चित्तौड़गढ़ रेलवे ट्रैक परीक्षण के दौरान हादसा

मालगाड़ी के दो डिब्बे बेपटरी, देर रात मचा हड़कंप; कोई जनहानि नहीं

मंदसौर। रतलाम-चित्तौड़गढ़ रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण कार्य के दौरान गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात बड़ा हादसा हो गया। दलोदा के पास ट्रैक परीक्षण के दौरान मालगाड़ी के दो डिब्बे बेपटरी हो गए। घटना के बाद रेलवे विभाग में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

हादसे के कारण दलोदा रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहा, जिससे सीतामऊ और दलोदा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही रतलाम और चित्तौड़गढ़ से रेलवे कर्मचारियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद बेपटरी डिब्बों को वापस ट्रैक पर चढ़ाया गया।
जानकारी के अनुसार रतलाम-चित्तौड़गढ़ रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्य के तहत 6 से 8 मई तक ट्रैक परीक्षण किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड की टीम दलोदा और मंदसौर के बीच करीब 14 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का ट्रायल कर रही थी। इसी दौरान यह हादसा हुआ।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नीमच और रतलाम के बीच 133 किलोमीटर लंबे दोहरीकरण कार्य का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दलोदा-मंदसौर के बीच शिवना नदी पर बने नए पुल और शेष निर्माण कार्य पूरे होने के बाद ट्रैक का परीक्षण जारी था। हादसे के बाद आधी रात में डिब्बों को ट्रैक पर चढ़ाकर परीक्षण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया।

रतलाम रेल मंडल के पीआरओ मुकेश कुमार ने बताया कि डिरेल हुए डिब्बों को अलग कर ट्रैक को पुनः सुचारू कर दिया गया है। साथ ही घटना की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार परीक्षण कार्य 8 मई तक जारी रहेगा और 9 मई से निरस्त ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

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