अंत्योदय एक्सप्रेस से बाल मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे थे नाबालिग!
बीना स्टेशन पर हंगामा, 90 से अधिक बच्चों को बिहार से गुजरात ले जाने का आरोप

सागर। दरभंगा-अहमदाबाद अंत्योदय एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चों को बिहार से गुजरात ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 90 से 100 बच्चों को बाल मजदूरी के लिए गुजरात के विभिन्न शहरों में भेजा जा रहा था। सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड और अन्य संगठनों के सदस्य सक्रिय हुए, लेकिन पूरी कार्रवाई नहीं हो सकी।
जानकारी के अनुसार सागर बाल कल्याण समिति को सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 15559 दरभंगा-अहमदाबाद अंत्योदय एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चों को काम के लिए ले जाया जा रहा है। इसके बाद समिति के सदस्यों ने जबलपुर और भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों को सूचना दी। सागर स्टेशन पर ट्रेन का स्टॉपेज कम होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी, जिसके बाद समिति के सदस्य उसी ट्रेन में सवार हो गए।
बीना रेलवे जंक्शन पहुंचने पर आरपीएफ और जीआरपी के साथ ट्रेन की सघन जांच की गई। जांच में बड़ी संख्या में बच्चे ट्रेन में मौजूद मिले, लेकिन कम स्टॉपेज के चलते सभी बच्चों को नहीं उतारा जा सका। पुलिस केवल 3 से 4 बच्चों का ही रेस्क्यू कर पाई, जबकि बाकी बच्चे ट्रेन के साथ आगे रवाना हो गए।
इस दौरान बिहार के मधुबनी निवासी एक संदिग्ध युवक को ट्रेन से उतारकर पूछताछ की गई। युवक ने बताया कि वह रायसेन की एक राइस मिल में काम करता है और गांव से तीन बच्चों को अपने साथ लेकर जा रहा था।
मध्यप्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य ओमकार सिंह ने आरोप लगाया कि अंत्योदय एक्सप्रेस से लगातार बाल मजदूरों को ले जाया जाता है, लेकिन आरपीएफ और जीआरपी की लापरवाही के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इसी ट्रेन से बच्चों को ले जाने के मामले सामने आ चुके हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां बाल तस्करी एवं बाल मजदूरी के एंगल से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं।













