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व्यापमं के महाघोटाले का खामियाजा आज करोड़ों युवा भुगत रहे हैं

मध्यप्रदेश से शुरू हुई थी पेपर लीक की पटकथा : अजय सिंह

सिंगरौली-  पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटालों को लेकर केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक की जो स्थिति आज दिखाई दे रही है, उसकी पटकथा मध्यप्रदेश में व्यापमं घोटाले के समय ही लिखी जा चुकी थी। शिवराज सरकार के कार्यकाल में सामने आया व्यापमं घोटाला देश के सबसे बड़े और संगठित परीक्षा घोटालों में शामिल रहा है, जिसका खामियाजा आज भी करोड़ों होनहार युवा भुगत रहे हैं। अजय सिंह ने कहा कि यदि व्यापमं मामले में उस समय शीर्ष स्तर पर जिम्मेदार नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई की गई होती तो यह पूरे देश के लिए एक नजीर बनती। इससे परीक्षा माफियाओं और पेपर लीक करने वालों के हौसले बुलंद नहीं होते।

उन्होंने कहा कि नीट सहित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों पर भी प्रभावी तरीके से बहुत पहले अंकुश लगाया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापमं घोटाला केवल आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं था, बल्कि इससे जुड़े मामलों में कई लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौतें भी हुईं। अजय सिंह ने कहा कि जांच के दौरान गवाहों, पत्रकारों और संदिग्धों समेत अनेक लोगों की मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया था। इसके बावजूद लंबे समय बाद भी कई मामलों में जांच और अदालती कार्यवाही लंबित है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण के कारण बड़े लोगों तक कार्रवाई नहीं पहुंची और छोटे आरोपियों को आगे कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी का सीधा असर यह हुआ कि परीक्षा माफियाओं और भ्रष्ट तंत्र से जुड़े लोगों में कानून का भय कम होता गया। अजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश से शुरू हुआ परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार का यह संकट अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। सरकारें जांच समितियां गठित करने और औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रह जाती हैं, जबकि इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने व्यापमं से जुड़े लंबित मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने, जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा कि नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पूरी परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना जरूरी है। साथ ही परीक्षा प्रणाली में ऐसा मजबूत तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, जिससे छात्रों का व्यवस्था पर दोबारा विश्वास कायम हो सके। अजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन्हीं मुद्दों को लेकर देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से युवाओं से संवाद कर रहे हैं। वे छात्रों की समस्याएं सुनने के साथ यह भी जानने का प्रयास कर रहे हैं कि युवा देश के भविष्य को लेकर क्या उम्मीदें रखते हैं। उन्होंने कहा कि जिस समय देश के करोड़ों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, उस समय सरकार को उनके साथ संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। अजय सिंह ने विश्वास जताया कि राहुल गांधी द्वारा छात्रों के मुद्दों को लेकर किए जा रहे प्रयासों के दूरगामी परिणाम सामने आएंगे।

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