तीसरे दिन भी जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सिंगरौली में जगह-जगह कचरे के ढेर; स्वच्छता सर्वेक्षण पर मंडराया खतरा

सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली के 175 दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। मुख्य सड़कों, बाजारों, चौराहों और गलियों में कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे लोगों को भारी गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताली कर्मचारियों की मुख्य मांग नियमितीकरण और आवास सुविधा है। कर्मचारी संघ का कहना है कि वर्षों से नगर निगम में काम करने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया। संघ पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि जब Gwalior और Jabalpur जैसे नगर निगमों में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है, तो सिंगरौली के कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से केवल आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी नाराजगी के चलते कर्मचारी आंदोलन पर डटे हुए हैं।
हड़ताल समाप्त कराने के प्रयास में सिंगरौली विधायक धरना स्थल पहुंचे और कर्मचारियों से चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री स्तर तक बात की जाएगी। हालांकि कर्मचारियों ने फिलहाल आंदोलन समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया है।
यह हड़ताल ऐसे समय में हो रही है जब शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है। लगातार बढ़ रही गंदगी से शहर की रैंकिंग प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। निगम प्रशासन और कर्मचारियों के बीच अब तक हुई कई दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। दूसरी ओर, शहरवासियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।












