सोने के आयात पर सरकार सख्त: ड्यूटी-फ्री आयात सीमा तय, पीएम मोदी ने लोगों से गहने न खरीदने की अपील की

नई दिल्ली। बढ़ते सोना आयात और विदेशी मुद्रा पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। Narendra Modi सरकार ने ड्यूटी-फ्री सोने के आयात नियमों को सख्त करते हुए अब प्रति लाइसेंस अधिकतम 100 किलोग्राम सोना आयात करने की सीमा तय कर दी है। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इससे पहले सरकार ने सोने पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था।
सरकार का मानना है कि सोने के बढ़ते आयात से देश का आयात बिल तेजी से बढ़ रहा है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है। इसी को देखते हुए यह कड़े कदम उठाए गए हैं। माना जा रहा है कि सरकार आने वाले समय में सोने के आयात को और नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कदम भी उठा सकती है।
पीएम मोदी ने की मितव्ययिता की अपील
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से मितव्ययिता अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों को वैश्विक संकट के प्रभाव से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन इसके लिए नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाना इस समय देश की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि फिलहाल सोने के गहनों की खरीदारी से बचें और देशहित में विदेशी मुद्रा संरक्षण में सहयोग करें।
“देशभक्ति की चुनौती स्वीकार करें”
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुराने समय में संकट की स्थिति में लोग देश के लिए अपना सोना दान कर देते थे। आज ऐसी स्थिति नहीं है, लेकिन देश के सामने आर्थिक चुनौती जरूर है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को यह संकल्प लेना चाहिए कि अनावश्यक रूप से सोने की खरीदारी न करें।
सरकार के अनुसार भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है और बड़ी मात्रा में सोने का आयात होने से विदेशी मुद्रा का बड़ा हिस्सा खर्च होता है। ऐसे में आयात कम करना आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ने और नियम सख्त होने के बाद आने वाले दिनों में सोने के दामों में और तेजी देखने को मिल सकती है।













