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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई हिरासत में पांच आरोपी, संगठित गिरोह का खुलासा

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गुरुवार को दिल्ली की विशेष अदालत ने पांच आरोपियों को सात दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। आरोपियों में यश यादव, मंगलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और शुभम मधुकर खैरनार शामिल हैं। अदालत ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि एक “संगठित गिरोह” की सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है, जिसमें गोपनीय परीक्षा प्रश्नपत्रों को पैसे लेकर लीक और वितरित किया गया।

सीबीआई के अनुसार नीट-यूजी 2026 का आयोजन 3 मई को हुआ था, लेकिन परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र कथित रूप से व्हाट्सएप पर पीडीएफ फॉर्मेट में फैल गया। जांच में सामने आया कि शुभम खैरनार ने पुणे के एक व्यक्ति से लीक पेपर प्राप्त किया, जो एनटीए के किसी सूत्र से जुड़े थे। इसके बाद यह पेपर यश यादव और अन्य आरोपियों के माध्यम से उम्मीदवारों तक पहुंचा। जांच में पाया गया कि इस नेटवर्क ने लाखों रुपये में प्रश्नपत्र का व्यापार किया।

सीबीआई ने अदालत को बताया कि आरोपियों के मोबाइल और डिजिटल डिवाइस से कई चैट और डेटा डिलीट किए गए हैं। फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पेपर किस स्तर से लीक हुआ और किन लोगों तक गया। अदालत ने माना कि आरोपियों से गहन पूछताछ किए बिना पूरे नेटवर्क का पता लगाना संभव नहीं है।

बचाव पक्ष ने हिरासत की आवश्यकता पर सवाल उठाए, लेकिन अदालत ने सीबीआई की दलील को स्वीकार कर लिया। मामले ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता पैदा की है।

सीबीआई अब नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन, डिजिटल कनेक्शन और संभावित सरकारी संपर्कों की जांच कर रही है। एजेंसी को शक है कि यह केवल एक राज्य तक सीमित नहीं बल्कि कई राज्यों में फैले संगठित रैकेट का हिस्सा हो सकता है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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