सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन, स्वच्छ सर्वेक्षण पर मंडराने लगा खतरा
चार दिन से ठप सफाई व्यवस्था, शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर, नागरिकों में बढ़ी चिंता

सिंगरौली : नगर पालिक निगम सिंगरौली के सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी रही, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने लगी है। लगातार चार दिनों से सफाई कार्य ठप होने के कारण शहर के कई वार्डों, मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे के ढेर जमा होने लगे हैं। बढ़ती गंदगी से जहां आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नगर निगम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं और मांगें पूरी नहीं होने तक काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सड़क सफाई और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसका असर अब शहर के प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
शहर के बस स्टैंड, बाजार, अस्पताल परिसर, मुख्य सड़कों और कई रिहायशी इलाकों में कचरे का अंबार लगने लगा है। गर्मी के मौसम में बढ़ती गंदगी से संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
नागरिकों ने बताया कि सुबह-शाम नियमित सफाई नहीं होने से दुर्गंध फैलने लगी है, जिससे लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। कई वार्डों में नालियों की सफाई न होने से दुर्गंध की स्थिति बनने लगी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इधर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 पर भी पड़ सकता है। नगर निगम पिछले कई महीनों से स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग प्राप्त करने के लिए अभियान चला रहा था, लेकिन अचानक शुरू हुई इस हड़ताल ने निगम की तैयारियों को झटका दिया है। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो नगर निगम की रैंकिंग प्रभावित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
शहरवासियों और जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट सके और आम जनता को राहत मिल सके। वहीं निगम प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों से लगातार संवाद किया जा रहा है और जल्द ही सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।













