
तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच स्थायी संघर्ष विराम को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। शनिवार को ईरान के रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को लेकर कड़ा बयान दिया।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रजा तलाए-निक ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के पास ईरान की मांगों को मानने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि चाहे युद्ध हो या बातचीत, दोनों ही परिस्थितियों में अमेरिका और इजरायल को ईरान के अधिकार स्वीकार करने होंगे।
प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान की मांगों को नहीं माना गया तो अमेरिका और इजरायल दोनों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रीय हितों की अनदेखी कर पूरी तरह इजरायल के समर्थन में खड़े हैं। उनके अनुसार ट्रंप का “अहंकारी रवैया” अमेरिका को युद्ध के दलदल में और गहराई तक धकेल सकता है।
इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने क्षेत्रीय हालात और संघर्ष विराम को लेकर कई देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत की। आईआरएनए समाचार एजेंसी के मुताबिक उन्होंने तुर्की, कतर, जापान, ओमान और इराक के समकक्षों के साथ फोन पर चर्चा की।
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी के साथ हुई बातचीत में क्षेत्र में बढ़ते तनाव, युद्ध रोकने के प्रयासों और कूटनीतिक समाधान पर विशेष चर्चा की गई। ईरान ने संकेत दिया है कि वह बातचीत जारी रखने के पक्ष में है, लेकिन अपने हितों से समझौता नहीं करेगा।













