27वें उर्से खलीकी एवं तीन दिवसीय राष्ट्रीय जलसे का शुभारंभ, तैयारियां पूर्ण

सिंगरौली। सिंगरौली जिले के देवसर स्थित दरगाह शरीफ कैम्पस में आयोजित होने वाले 27वें उर्से खलीकी एवं तीन दिवसीय राष्ट्रीय जलसे का शुभारंभ सोमवार से हो गया। धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक महत्व के इस आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से उलेमा-ए-किराम, शोअरा, नातख्वां और बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने की संभावना है।
आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत फातिहा शरीफ से हो चुकी है, जबकि 2 जून को नात शरीफ, तकरीर और विशेष धार्मिक सभाओं का आयोजन किया जाएगा। जलसे में देशभर से आने वाले इस्लामी विद्वान दीन, इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देंगे।
उर्स के साथ ही दारुल उलूम सुलेमानिया रजविया हबीबिया का वार्षिक समारोह भी आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मदरसे के विद्यार्थियों की दस्तारबंदी कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। आयोजन की देखरेख दारुल उलूम के हेड एवं सज्जादा नशीन सय्यद मौलाना आदिल मियां साहब कादरी के मार्गदर्शन में की जा रही है।

हाफिज सलीमुद्दीन ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक एकता और मानवता का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा दीनी शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से दानियाल पब्लिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है, जहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।
उर्स के दौरान तीन दिवसीय मेले का भी आयोजन होगा, जो श्रद्धालुओं और आमजन के आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस वर्ष मदरसा प्रबंधन ने बेटियों की शिक्षा के लिए अलग व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे उन्हें बेहतर धार्मिक और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
आयोजन में हजरत अल्लामा मौलाना सैय्यद मेहंदी हसन साहब, हजरत अल्लामा मौलाना सैय्यद आकिल मियां साहब सहित कई प्रमुख धर्मगुरु उपस्थित रहेंगे। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।













