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नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला

कहा— 'घोटाले ने छीनी एक और मासूम की जान'

नई दिल्ली: लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा के पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद भावुक और आक्रोशित पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इस पेपर घोटाले ने देश के एक और युवा जीवन को हमसे छीन लिया है। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की एक छात्रा की आत्महत्या का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को आड़े हाथों लिया।

परीक्षा रद्द होने से अवसाद में थी छात्रा, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
राहुल गांधी ने बताया कि मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली 18 वर्षीय आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। वह नागपुर के एक कोचिंग संस्थान में रहकर इस कठिन परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 5 मई को परीक्षा होने के बाद जब पेपर लीक की खबरें आईं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया, तो आकांक्षा इस अनिश्चितता के कारण गहरे अवसाद में चली गई और उसने नागपुर में आत्महत्या कर ली।छात्रा ने कदम उठाने से पहले एक बेहद दर्दनाक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें उसने लिखा— “मम्मी-पापा… अब मेरे पास नीट दोबारा देने का साहस नहीं है।”

किसान पिता ने कर्ज लेकर जुटाए थे पैसे
इस त्रासदी के पीछे की आर्थिक लाचारी को बयां करते हुए कांग्रेस नेता ने बताया कि आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी एक छोटे किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर करीब 3 लाख रुपए का लोन लिया था। इस लोन की राशि को चुकाने और कोचिंग की भारी-भरकम फीस जुटाने के लिए पिता खुद नागपुर में एक रसोइए (कुक) के रूप में काम करने लगे थे।

विपक्ष के निशाने पर सरकार और एनटीए
नीट-यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक और व्यापक धांधली के आरोपों के बाद मचे देशव्यापी बवाल के चलते एनटीए को परीक्षा रद्द करनी पड़ी है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है और देश के विभिन्न हिस्सों से कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की पूरी शिक्षा प्रणाली को बर्बाद कर दिया गया है, जिसकी भारी और दर्दनाक कीमत आज हमारी युवा पीढ़ी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने एक बार फिर सरकार की नीति और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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