वायुसेना का नया इतिहास: नवी मुंबई एयरपोर्ट पर पहली बार उतरा सुखोई-30 MKI, सामरिक क्षमता का प्रदर्शन

नई दिल्ली:भारतीय वायुसेना (IAF) ने गुरुवार को रक्षा और विमानन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। वायुसेना का अत्याधुनिक और शक्तिशाली लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई (Sukhoi-30 MKI) पहली बार नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर सफलतापूर्वक उतरा। इस लड़ाकू विमान की गरिमामय लैंडिंग को भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, त्वरित तैनाती और देश के तेजी से विकसित हो रहे नागरिक-सैन्य विमानन बुनियादी ढांचे के बीच बेहतर समन्वय के रूप में देखा जा रहा है।
सैन्य अभियानों के लिए नागरिक हवाई अड्डों की उपयोगिता सिद्ध
विशेषज्ञों के अनुसार, सुखोई-30 एमकेआई जैसे प्रमुख बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान की किसी नागरिक हवाई अड्डे पर सफल लैंडिंग यह साबित करती है कि युद्ध या आपातकाल की स्थिति में इन हवाई अड्डों का उपयोग सैन्य अभियानों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किया जा सकता है।
इससे पहले अक्टूबर 2024 में इसी हवाई अड्डे पर वायुसेना के सी-295 परिवहन विमान ने पहली लैंडिंग की थी, जबकि उस समय सुखोई-30 ने केवल फ्लाईपास्ट किया था। अब पहली बार सुखोई का वास्तविक रूप से रनवे पर उतरना वायुसेना की क्षमता विस्तार में एक बड़ी उपलब्धि है।
पाकिस्तान सीमा के पास ‘वायुशक्ति-26’ में दिखा था दम
सुखोई-30 एमकेआई भारत की सामरिक शक्ति का मुख्य आधार रहा है। हाल ही में राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान बॉर्डर के समीप पोखरण रेंज में वायुसेना द्वारा ‘वायुशक्ति-26’ नाम से एक विशाल युद्धाभ्यास आयोजित किया गया था, जिसमें सुखोई की गर्जना ने दुश्मनों को कड़ा संदेश दिया था। इस युद्धाभ्यास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी विशेष रूप से मौजूद थे।
120 से ज्यादा एयरक्राफ्ट और स्वदेशी एयर डिफेंस का प्रदर्शन
‘वायुशक्ति-26’ युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को दोहराते हुए हवा में अपना दबदबा साबित किया। अभ्यास के पहले दिन 18 महत्वपूर्ण टारगेट सेट किए गए थे, जिनमें दुश्मन के टेररिस्ट कैंप, हवाई पट्टी, बंकर, रडार, पेट्रोलियम भंडार और टैंकों के काफिले शामिल थे, जिन्हें वायुसेना के शूरवीरों ने पूरी सटीकता से ध्वस्त कर दिया।
चौबीसों घंटे की युद्ध तत्परता को दर्शाने वाले इस व्यापक अभ्यास में 120 से ज्यादा एयरक्राफ्ट शामिल थे। इसमें सुखोई-30 एमकेआई के साथ-साथ तेजस, राफेल, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों और भारत के बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्टम ने भी अपनी ताकत का लोहा मनवाया।













