भारतीय समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वालों पर सिंगापुर सख्त: नस्लीय टिप्पणी करने वाले 14 ऑनलाइन पोस्ट ब्लॉक करने के निर्देश

सिंगापुर/नई दिल्ली। सिंगापुर सरकार ने भारतीय समुदाय को निशाना बनाने और देश की बहुसांस्कृतिक सामाजिक व्यवस्था को कमजोर करने वाले ऑनलाइन कंटेंट के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे भड़काऊ पोस्ट और वीडियो ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर पुलिस ने उन 14 पोस्टों की पहचान की है, जिनमें यह दावा किया गया था कि सिंगापुर में भारतीयों की संख्या अत्यधिक बढ़ रही है और वे देश की सांस्कृतिक व राजनीतिक व्यवस्था पर हावी हो रहे हैं।
सिंगापुर के द्वितीय गृह मंत्री एवं कानून मंत्री एडविन टोंग ने कहा कि ये वीडियो और पोस्ट देश की बहुजातीय और बहुसांस्कृतिक सामाजिक संरचना पर सीधा हमला हैं। सिंगापुर की पहचान विभिन्न समुदायों के समान सम्मान पर आधारित है और किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने के प्रयास स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
राष्ट्रपति थरमन शनमुगरत्नम की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि कुछ पोस्टों में सिंगापुर के भारतीय मूल के राष्ट्रपति थरमन शनमुगरत्नम की तस्वीरों का दुरुपयोग करते हुए यह दावा किया गया कि सरकार और प्रशासन में भारतीय मूल के लोगों का प्रतिनिधित्व आवश्यकता से अधिक बढ़ गया है। इसके अलावा कई पोस्टों में आरोप लगाया गया कि भारतीय प्रवासियों की बढ़ती संख्या सिंगापुर की पहचान के लिए खतरा है।
चीन के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से शुरू हुआ विवाद
गृह मंत्रालय के अनुसार, पिछले महीने चीनी भाषा के ऑनलाइन सूचना नेटवर्क में ऐसे संदेश प्रसारित होने शुरू हुए थे। जांच एजेंसियों ने पाया कि यह आपत्तिजनक सामग्री संभवतः चीन स्थित किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से शुरू हुई और बाद में अन्य सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से सिंगापुर के स्थानीय डिजिटल वातावरण में जानबूझकर फैलाई गई। हालांकि, मंत्री एडविन टोंग ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में किसी विदेशी सरकार की ओर से सुनियोजित अभियान चलाए जाने के प्रमाण नहीं मिले हैं, यह कुछ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की स्वतः स्फूर्त हरकत हो सकती है।
क्रिमिनल हार्म्स एक्ट (OCHA) के तहत बड़ी कार्रवाई
सिंगापुर सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी रुख अपनाया है:
प्लेटफॉर्म्स को आदेश: फेसबुक (Meta), यूट्यूब (Google) और एक्स (X) जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया गया है कि वे सिंगापुर के उपयोगकर्ताओं के लिए इन सभी 14 पोस्टों और वीडियो की पहुंच को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित (Block) करें।
सख्त कानून का इस्तेमाल: यह कार्रवाई सिंगापुर के ‘ऑनलाइन क्रिमिनल हार्म्स एक्ट’ (OCHA) के तहत की गई है।
आपत्तिजनक भाषा पर रोक: अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पोस्टों में भारतीय समुदाय के लिए नस्लीय रूप से अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण भाषा का प्रयोग किया गया था, जिसका मकसद समाज में विभाजन पैदा करना था।
भारतीय मूल के लोग सिंगापुर समाज का सम्मानित हिस्सा: सरकार
सिंगापुर सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि देश किसी भी प्रकार की विदेशी-विरोधी मानसिकता को स्वीकार नहीं करता है। सरकार ने कहा कि भारतीय मूल के नागरिक और प्रवासी श्रमिक सिंगापुर के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और वे समाज का एक सम्मानित हिस्सा हैं। नस्लीय सौहार्द और बहुसांस्कृतिक सह-अस्तित्व देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और इन्हें कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास को कानून के दायरे में लाकर सख्ती से रोका जाएगा।













