ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू: लापरवाही पर लगेगा भारी जुर्माना, सरपंच-पंच संभालेंगे कमान
सिंगरौली -पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’ को प्रभावी कर दिया गया है, जिसके तहत अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्रोत पर ही कचरे का चार स्तरीय पृथक्करण गीला, सूखा, सेनेटरी और विशेष देखभाल जैसे बैटरी व दवाइयां करना अनिवार्य होगा। ‘प्रदूषक भुगतान सिद्धांत’ के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने, गलत पंजीकरण या बिना पंजीकरण संचालन करने पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सख्त पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके साथ ही, 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र या प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों को स्रोत पर ही कचरा संसाधित करना होगा तथा लैंडफिल साइटों पर केवल निष्क्रिय और गैर-पुनर्चक्रणीय कचरा ही भेजा जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर एसडब्लूएम कार्ययोजना लागू की जाएगी, जिसके तहत खुले में कचरा डंप करने और जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा स्थानीय सरपंच और वार्ड पंचों को ‘लीड फेसिलेटर’ बनाकर इस पूरी मुहिम की कमान सौंपी गई है।












