14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का अद्भुत संयोग
सोमवार के साथ बना त्रिवेणी संयोग, सुहागिनों के लिए अखंड सौभाग्य तो भक्तों के लिए विघ्नहर्ता की आराधना का विशेष अवसर

सिंगरौली। इस वर्ष भाद्रपद मास में 14 सितंबर, सोमवार को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का विशेष संयोग बन रहा है। एक ही दिन तीज, गणेश चतुर्थी और सोमवार का त्रिवेणी संयोग श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और सुखमय दांपत्य जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखेंगी। वहीं गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना के साथ गणेशोत्सव का शुभारंभ होगा।
शिवधाम मंदिर वैढ़न के महाप्रबंधक एवं ज्योतिषविद् पं. डॉ. एनपी मिश्र के अनुसार तिथि परिवर्तन के कारण यह विशेष संयोग बन रहा है। भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी, जो 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक रहेगी।
शिव-शक्ति और गणपति आराधना का संगम
पं. डॉ. मिश्र ने बताया कि हरतालिका तीज माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के संकल्प की स्मृति से जुड़ा पर्व है। वहीं गणेश चतुर्थी प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना का पर्व है। सोमवार भगवान शिव को समर्पित होने के कारण इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि तीज पर महिलाएं शिव-पार्वती का पूजन कर अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी, जबकि गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालु विघ्नहर्ता से सुख, समृद्धि, बुद्धि और विवेक का आशीर्वाद मांगेंगे। 14 सितंबर का यह संयोग शिव-शक्ति और गणपति आराधना के आध्यात्मिक संगम का अवसर है। श्रद्धालुओं को श्रद्धा, संयम और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज और राष्ट्र के कल्याण की प्रार्थना करनी चाहिए।













