जादू टोने के शक में भतीजे ने कर दी चाचा की हत्या
चाचा की हत्या के आरोप में 16 वर्षीय भतीजा गिरफ्तार, भेजा गया संप्रेक्षण गृह

सिंगरौली; जिले के बरगवां पुलिस ने ग्राम डाला में हुई एक अंधी हत्या का पर्दाफाश करते हुए मृतक के सगे भतीजे को ही हत्या के लिए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में 16 वर्षीय विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला संप्रेक्षण गृह रीवा भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार 6 जून को सूचना मिली थी कि ग्राम डाला निवासी जगन्नाथ सिंह गोड़ पिता बाबा सिंह गोड़ का शव रामबहादुर सिंह गोड़ के खेत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने पर बरगवां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर निरीक्षक मोहम्मद समीर वारसी ने थाना बरगवां में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 345/26 दर्ज कर विवेचना शुरू की।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रीवा रेंज गौरव राजपूत तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमंत सिंह के मार्गदर्शन में जांच तेज की गई। वहीं पुलिस अधीक्षक सिंगरौली शियाज के एम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा एवं एसडीओपी रोशनी कुर्मी के निर्देशन में आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई।जांच की कमान एसडीओपी सिंगरौली रोशनी कुर्मी एवं थाना प्रभारी बरगवां निरीक्षक मो. समीर ने संभाली। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तथा तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर संदेह के दायरे में आए 16 वर्षीय बालक से पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
अंधविश्वास बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक जगन्नाथ सिंह गोंड गांव और आसपास में झाड़-फूंक का कार्य करता था। आरोपी बालक को शक था कि उसके माता-पिता की बीमारी के पीछे उसके बड़े पिता (चाचा) जगन्नाथ सिंह गोंड द्वारा किए गए कथित जादू-टोने का हाथ है। इसी कारण वह मन ही मन उनसे रंजिश रखता था।घटना की रात 5 जून को आरोपी ने अपने चाचा के साथ शराब पी। घर लौटते समय दोनों के बीच जादू-टोने की बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पहले जगन्नाथ सिंह गोंड को धक्का देकर गिराया और फिर पास में पड़े पत्थर से उनके सिर पर कई वार कर हत्या कर दी। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।
बाल अपचारी को भेजा गया संप्रेक्षण गृह
बरगवां पुलिस ने आरोपी विधि-विरुद्ध बालक को 9 जून 26 को अभिरक्षा में लेकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला संप्रेक्षण गृह रीवा भेज दिया गया।मामले के खुलासे में निरीक्षक मो. समीर, प्रधान आरक्षक आलोक चतुर्वेदी, मनोज गौतम, रामनिवास यादव, अनूप मिश्रा तथा नीरज यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।













