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एनसीएल ने “नारी सशक्तिकरण” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया आयोजन

महिलाएं रूढ़िवादी सोच से ऊपर उठकर अपनी पहचान स्वयं बनाएं : सविता प्रधान

सिंगरौली- “सफलता का वास्तविक सौंदर्य व्यक्ति की मेहनत, लगन और उपलब्धियों में निहित होता है। महिलाओं को समाज द्वारा बनाई गई रूढ़िवादी धारणाओं से ऊपर उठकर अपनी पहचान स्वयं गढ़नी चाहिए।” यह विचार नगर निगम आयुक्त, सिंगरौली , श्रीमती सविता प्रधान ने गुरुवार को नॉर्दर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा सीईटीआई, सिंगरौली में आयोजित “नारी सशक्तिकरण” विषय पर आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यक्त किए।


इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य निर्धारित करने और अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज द्वारा निर्धारित सीमाओं और रूढ़िवादी सोच से ऊपर उठकर अपनी पहचान स्वयं बनानी चाहिए। उन्होंने महिलाओं को अपने विचारों और सपनों के प्रति दृढ़ रहने की सलाह दी एवं समाज में प्रचलित रूढ़ियों को स्टीरियोटाइप बताते हुए महिलाओं से अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), राजेश त्रिवेदी, महाप्रबंधक (मानव संसाधन/ ईई), प्रमोद कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक, (सिंगरौली पुनर्स्थापन सेल), निरंजन रुकमंगद, महाप्रबंधक (प्रशासन), संजय सिन्हा, महाप्रबंधक (एचआरडी), राजन मेक, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी तथा एनसीएल की सभी परियोजना और इकाइयों से महिला कर्मी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डॉ. आर.डी. पाण्डेय, आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक तथा अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति (न्यायपीठ), सिंगरौली ने रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से नारी शक्ति एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं की सामाजिक एवं पारिवारिक भूमिका को रेखांकित करते हुए आत्मबल, धैर्य और सकारात्मक सोच के महत्व को समझाया। इस दौरान उन्होंने योग, ध्यान और संतुलित जीवनशैली के लाभों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों को स्वस्थ खान-पान, फाइबर, विटामिन एवं कैल्शियम युक्त आहार के महत्व की जानकारी दी। सत्र के अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ध्यान एवं योगाभ्यास भी करवाया!

कार्यक्रम के अंत में श्रीमती अनुषा चेपुरी, वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 (पॉश एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिला कर्मचारियों को उनके अधिकारों, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा सुरक्षित कार्यस्थल के महत्व के बारे में जागरूक किया।

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