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450 प्रभावितों को मिला मुआवजा, 200 करोड़ का भुगतान प्रक्रियाधीन: निरंजन रुक्मांगद

सिंगरौली। विस्थापन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एनसीएल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए पुनर्स्थापना समिति द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। एनसीएल के महाप्रबंधक (पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना) निरंजन रुक्मांगद ने कहा कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और यह एनसीएल बोर्ड द्वारा अनुमोदित दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रभावितों को मुआवजा देने से पहले आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाती है और पात्रता सिद्ध होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। ड्रोन सर्वे को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सर्वे सभी संबंधित मंचों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहमति तथा आवश्यक शासकीय अनुमति के बाद कराया गया था।

भ्रष्टाचार और पैसे लेने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जीएम ने कहा कि ऐसे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि आरोप लगाने वालों से प्रमाण मांगे गए थे, लेकिन कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ आरोप प्रमाणित होते हैं तो एनसीएल द्वारा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरंजन रुक्मांगद के अनुसार अब तक लगभग 450 प्रभावितों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है, जिससे एक हजार से अधिक परिवार सदस्य लाभान्वित हुए हैं। वहीं करीब 200 करोड़ रुपये के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा लगभग एक हेक्टेयर भूमि का कब्जा भी लिया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थों के कारण प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल उठा रहे हैं। कर्मचारियों पर विभिन्न प्रकार के दबाव और प्रलोभन डाले जाने के बावजूद नियमों के विरुद्ध कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है तथा दस्तावेजों की जांच अनिवार्य रूप से की जा रही है।

विस्थापन प्रक्रिया में 10 वर्ष लगने संबंधी दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ लोगों की कल्पना है। एनसीएल का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है। उन्होंने यह भी बताया कि तहसीलदार और पटवारी को केवल उन मामलों में जांच के लिए भेजा जा रहा है, जहां दस्तावेजों या भूमि स्वामित्व को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति है।
महाप्रबंधक ने कहा कि एनसीएल द्वारा संचालित यह अभियान देश के सबसे बड़े विस्थापन एवं पुनर्वास अभियानों में से एक है। प्रभावित परिवारों, वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न विस्थापन मंचों और मीडिया के सहयोग से यह प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ रही है। उन्होंने भविष्य में भी सभी पक्षों से सहयोग की अपेक्षा जताई, ताकि विस्थापन और पुनर्वास कार्य को और अधिक प्रभावी तथा समयबद्ध ढंग से पूरा किया जा सके।

एनसीएल प्रबंधन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विस्थापन एवं मुआवजा वितरण की सभी कार्रवाई निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप लगातार जारी है।

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