NH-39 में फंसी जमीन और मकान का मुआवजा नहीं मिलने पर जनसुनवाई पहुंचा बुजुर्ग आदिवासी

सिंगरौली। जिला मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक 70 वर्षीय आदिवासी बुजुर्ग न्याय की उम्मीद लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। चितरंगी तहसील अंतर्गत ग्राम भर्रा निवासी भानु प्रताप ने जिला प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (एनएच-39) के फोरलेन निर्माण में प्रभावित अपनी जमीन और मकान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
भानु प्रताप ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में बताया कि उनकी पट्टे की भूमि और आवासीय मकान एनएच-39 निर्माण परियोजना से प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है। उनका कहना है कि वे कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला और समस्या का समाधान नहीं हो सका।
बुजुर्ग ने बताया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवार से हैं और मुआवजा नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने और नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।पीड़ित ने कहा कि उनकी जमीन और मकान फोरलेन परियोजना की जद में आ चुके हैं, लेकिन वर्षों बाद भी उन्हें उनका अधिकार नहीं मिला। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत करते हुए भानु प्रताप ने उम्मीद जताई कि इस बार प्रशासन उनके मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा और उन्हें न्याय दिलाएगा। वहीं अधिकारियों ने आवेदन प्राप्त कर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और लंबे समय से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे बुजुर्ग को कब तक राहत मिल पाती है।













