राम मंदिर दान पात्र मामले की जांच तेज, अयोध्या पहुंची एसआईटी; संत समाज और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं एवं धन चोरी के आरोपों की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) मंगलवार को अयोध्या पहुंचा। इस बीच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जांच की प्रगति और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
संत समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए भरोसा जताया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। संत भक्तचरण दास ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी का गठन किया है। यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि उन्हें भी मामले की जानकारी मिली है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। एसआईटी जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
वहीं प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता से जांच कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हर मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर कांग्रेस ने एसआईटी गठन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व में भी कई मामलों में एसआईटी का गठन कर चुकी है, लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि उनमें से कितने मामलों में दोषियों को सजा मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार जांच एजेंसियों का उपयोग प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए किया जाता है।
फिलहाल एसआईटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।













