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ऑनलाइन गेमिंग कारोबार में 300 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की आशंका, जांच तेज

 

जबलपुर। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, जबलपुर की एंटी-एवेजन टीम ने सतना स्थित एक ऑनलाइन गेमिंग कंपनी और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 300 करोड़ रुपये की संभावित जीएसटी कर चोरी का मामला उजागर किया है। मामले में वित्तीय लेन-देन और कारोबारी गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, विश्वसनीय सूचनाओं, तकनीकी विश्लेषण और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मेसर्स गैजिक प्राइवेट लिमिटेड की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि कंपनी ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों में संलग्न थी और उससे संबद्ध खेलब्रो प्राइवेट लिमिटेड तथा स्किलब्रो प्राइवेट लिमिटेड भी उसी पते से संचालित हो रही थीं।

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कंपनियों के निदेशक समान व्यक्ति हैं। इसके आधार पर कंपनियों के बीच व्यावसायिक संबंधों, वित्तीय लेन-देन और कारोबारी गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किए गए, जिनमें कर नियमों के उल्लंघन की आशंका है। अधिकारियों का अनुमान है कि अब तक लगभग 300 करोड़ रुपये की कर अपवंचना का मामला सामने आया है। जांच पूरी होने के बाद यह राशि और बढ़ सकती है।

सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अब तक करीब एक करोड़ रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।

पहले भी सामने आ चुके हैं फर्जी बिलों के मामले

उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2025 में राज्य जीएसटी विभाग ने फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का अवैध लाभ लेने के मामले में कार्रवाई की थी। जांच में लगभग 10 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिल जारी किए जाने के दस्तावेज सामने आए थे। उस मामले में परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित चार फर्मों की भी जांच की गई थी।

इसके अलावा जून 2026 में केंद्रीय जीएसटी की जांच शाखा ने ई-वे बिल के बिना माल परिवहन और कर चोरी के आरोपों को लेकर जबलपुर के एक बड़े कारोबारी समूह के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में टैक्स और पेनाल्टी के रूप में करीब एक करोड़ रुपये की वसूली की गई थी।

सीजीएसटी अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान मामले में सभी वित्तीय और कारोबारी दस्तावेजों की जांच जारी है तथा जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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