राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस ने ट्रस्ट भंग कर नया ट्रस्ट बनाने की मांग उठाई

नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाते हुए मौजूदा ट्रस्ट को भंग करने तथा संतों और धर्माचार्यों की भागीदारी वाला नया ट्रस्ट गठित करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में यह मांग रखी।
राजीव शुक्ला ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान, आभूषणों और नकद राशि के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दान का समुचित रिकॉर्ड नहीं रखा गया और कई श्रद्धालुओं को रसीद तक नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि दान की राशि में कथित अनियमितताओं और आभूषणों के गायब होने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।
कांग्रेस ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि मंदिर ट्रस्ट का संचालन धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े संतों, शंकराचार्यों और धर्माचार्यों के हाथों में होना चाहिए, न कि राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों के।
राजीव शुक्ला ने यह भी कहा कि चढ़ावा हेराफेरी मामले में दर्ज एफआईआर में केवल कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जबकि पूरे मामले की व्यापक जांच की आवश्यकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था बनाए रखने के लिए मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।













