ड्रग्स तस्करों पर सख्ती, नशे के शिकार लोगों के प्रति सहानुभूति जरूरी : अमित शाह

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नारकोटिक्स कंट्रोल (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने देश में नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए तैयार किए गए ‘विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल’ का शुभारंभ किया।
बैठक में अमित शाह ने कहा कि देश नशे के खिलाफ निर्णायक दौर में है और अगले तीन वर्ष इस लड़ाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। इसके समाधान के लिए सरकार, सुरक्षा एजेंसियों, राज्यों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा।
गृह मंत्री ने राज्यों से राष्ट्रीय नशीले पदार्थ समन्वय पोर्टल पर सभी मामलों की समय पर जानकारी अपलोड करने और बैठकों को परिणामोन्मुख बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सरकार की नीति पूरी तरह सख्त है, जबकि नशे की गिरफ्त में आए लोगों के प्रति सहानुभूति रखते हुए उनके उपचार, पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच देशभर में 1.18 करोड़ किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.84 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी नशे के कारोबार के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगी और देश को नशामुक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।













