जिले की 65 अकार्यशील सहकारी समितियों को कारण बताओ नोटिस जारी
15 दिवस के भीतर पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश, अन्यथा पंजीयन निरस्तीकरण की होगी कार्रवाई

सिंगरौली, / संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, रीवा संभाग द्वारा सिंगरौली जिले की 65 अकार्यशील सहकारी समितियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 18-ए के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। संबंधित समितियों को 15 दिवस के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त सहकारिता श्री पी.के. मिश्रा ने बताया कि संबंधित सहकारी समितियां पंजीयन के उपरांत सहकारी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित दायित्वों का पालन नहीं कर रही हैं। इन समितियों द्वारा आज तक निर्वाचन नहीं कराए गए, वार्षिक आम सभाओं का आयोजन नहीं किया गया तथा किसी प्रकार का व्यावसायिक कार्य भी संचालित नहीं किया गया है। इसके साथ ही सदस्यता विस्तार, अभिलेखों के संधारण एवं अंकेक्षण के लिए आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का भी पालन नहीं किया गया है, जिससे समितियां लंबे समय से अकार्यशील बनी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि उक्त तथ्यों के आधार पर संबंधित समितियों के पंजीयन निरस्तीकरण का प्रस्ताव मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 18-ए के अंतर्गत प्रेषित किया गया है। प्रथम दृष्टया यह भी प्रतीत होता है कि कुछ समितियों का पंजीयन परिवर्तक सदस्यों द्वारा तथ्यों के दुरुपदेशन के आधार पर कराया गया तथा जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए समितियों का गठन किया गया था, उनकी पूर्ति नहीं हो सकी है।उपायुक्त सहकारिता ने बताया कि संबंधित समितियों के प्रमुख, संचालक मंडल, सर्वधक सदस्य अथवा अन्य सदस्य यदि अपना पक्ष प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो सूचना पत्र प्राप्त होने की तिथि से 15 दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में लिखित अथवा मौखिक रूप से अपना जवाब प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समयावधि में कोई जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार संबंधित सहकारी समितियों का पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए संबंधित संस्था के सदस्य स्वयं उत्तरदायी होंगे। विस्तृत जानकारी के लिए समितियो के नाम कार्यालय के सूचना पटल पर देखा जा सकता है।













