मानसून सत्र में सरकार पेश करेगी 5 नए विधेयक, आयकर और एमएसएमई सुधार पर रहेगा फोकस
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव के प्रस्ताव भी शामिल

नई दिल्ली। संसद के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में केंद्र सरकार पांच नए महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें आयकर सुधार, एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख हैं।
18वीं लोकसभा के आठवें सत्र में सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक-2026 और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक-2026 पेश करेगी। इन विधेयकों के माध्यम से पहले जारी किए गए अध्यादेशों को कानून का रूप दिया जाएगा।
आयकर संशोधन विधेयक का उद्देश्य विदेशी निवेश को बढ़ावा देना और देश के सॉवरेन डेट मार्केट को मजबूत करना है। इसके तहत विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ पर कर छूट से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक के जरिए मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है, जिससे लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक-2026, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक-2026 और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक-2026 भी पेश करेगी।
एमएसएमई विधेयक के माध्यम से कारोबार को आसान बनाने, भुगतान में देरी से जुड़े मामलों के समाधान और राज्यों को अधिक अधिकार देने का प्रावधान किया जाएगा। वहीं, जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव से विलंबित पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सख्त और व्यवस्थित किया जाएगा।
20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है। सरकार विधायी कार्यों के साथ अनुपूरक अनुदानों की मांग भी सदन में प्रस्तुत करेगी।













