वित्त विभाग के निर्देशों के बावजूद सांदीपनी विद्यालय देवसर के शंकुल कार्यालय की साज-सज्जा पर लाखों खर्च?
अनावश्यक व्ययों पर रोक के बीच नवीनीकरण कार्य को लेकर उठे सवाल, जांच की मांग

सिंगरौली। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग द्वारा 17 जुलाई 2026 को जारी दिशा-निर्देशों में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने तथा अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद सांदीपनी शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवसर के शंकुल कार्यालय में नवीनीकरण एवं साज-सज्जा कार्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
वित्त विभाग के निर्देशों में कार्यालयों में साज-सज्जा सहित गैर-आवश्यक व्ययों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी बीच सांदीपनी विद्यालय देवसर के शंकुल कार्यालय में कथित रूप से लाखों रुपये खर्च कर नवीनीकरण, रंग-रोगन और साज-सज्जा कराए जाने की चर्चा सामने आई है।
मामले को लेकर लोगों द्वारा मांग की जा रही है कि विभाग स्पष्ट करे कि शंकुल कार्यालय के नवीनीकरण एवं साज-सज्जा के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई, यह राशि किस मद अथवा योजना से जारी हुई तथा कार्य के लिए प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति ली गई थी या नहीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं, कक्षाओं के रखरखाव और अन्य जरूरी कार्यों की आवश्यकता बनी हुई है, ऐसे समय में कार्यालय की साज-सज्जा पर बड़ी राशि खर्च किए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
वित्त विभाग के निर्देशों के बाद इस मामले में पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर खर्च, स्वीकृति और कार्य की गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।













