मानसून का कहर: कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही
50 से ज्यादा मौतें, लाखों लोग प्रभावित; असम से हिमाचल और जम्मू-कश्मीर तक हालात गंभीर

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मानसूनी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से असम, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में हालात बिगड़ गए हैं। बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन, एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
असम में बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान, 31 लोगों की मौत
असम में बाढ़ की स्थिति बेहद भयावह बनी हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार पिछले 24 घंटों में 21 लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 31 पहुंच गया है। राज्य के 16 जिलों में 5.64 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
शिवसागर जिले में सबसे ज्यादा प्रभावित लोग हैं, जहां करीब 3.59 लाख लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में भी हालात चिंताजनक हैं। ब्रह्मपुत्र, दिखो, देसांग और धनसिरी जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई स्थानों पर रेलवे ट्रैक डूबने से ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है।
हिमाचल में बादल फटा, मकान और खेत मलबे में दबे
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ से कई मकान, गौशालाएं और कृषि भूमि मलबे में दब गईं।
हालांकि प्रशासन ने समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। कई मवेशियों की मौत हुई है। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बाद कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। वहीं किन्नौर में भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 समेत कई सड़कें प्रभावित हुई हैं।
जम्मू-कश्मीर में 23 मौतें, तीर्थ यात्राएं स्थगित
जम्मू-कश्मीर में भी बारिश और भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है। पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं।
मौसम खराब होने और सुरक्षा कारणों को देखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, शिव खोरी और मचैल माता यात्रा को लगातार तीसरे दिन भी स्थगित रखा है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बाढ़ का संकट
पूर्वोत्तर के कई अन्य राज्यों में भी बारिश और भूस्खलन से हालात खराब हैं। नगालैंड के मोन जिले में भूस्खलन से नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग लापता बताए जा रहे हैं। राज्य के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
अरुणाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण पांच जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इस मानसून में यहां करीब 1.49 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी
देश के प्रभावित राज्यों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में मदद पहुंचाने में लगी हुई हैं। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अभी भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।













