पत्नी की हत्या कर आत्महत्या का रूप देने वाला पति व सास गिरफ्तार, 24 घंटे में खुलासा
चौकी सासन (बैढ़न) पुलिस ने अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाई

बैढ़न (सिंगरौली)।चौकी सासन अंतर्गत ग्राम बसौड़ा में महिला की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। खुद को सूचनाकर्ता बताकर पत्नी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या की झूठी कहानी गढ़ने वाला पति ही हत्यारा निकला। पुलिस ने आरोपी पति और इस साजिश में उसका साथ देने वाली उसकी मां को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 2 सितंबर को आरोपी अंगद प्रसाद कुशवाहा (उम्र 32 वर्ष, निवासी बसौड़ा) ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी पत्नी लीलावती कुशवाहा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पर मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम जिला अस्पताल बैढ़न में कराया गया। इसी दौरान मृतका के मायके पक्ष ने गला दबाकर हत्या किए जाने और शव को फांसी पर लटकाने का संदेह जताया। वहीं, पीएम रिपोर्ट में भी डॉक्टरों ने मौत का कारण गला घोंटना बताया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिंगरौली सियाज के.एम., अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रीय सिन्हा और सीएसपी विंध्यनगर ललित बैरागी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली उपनिरीक्षक विनय शुक्ला एवं चौकी सासन प्रभारी उपनिरीक्षक बी.एल. बंसल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस ने आरोपी अंगद प्रसाद के विरुद्ध धारा 103(1), 238(A) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने दूसरी शादी संगीता शाह से कर रखी थी। दूसरी पत्नी के साथ रहने के रास्ते से हटाने के लिए उसने फोन पर हत्या की योजना बनाई। 2 सितंबर की सुबह करीब 9:30 बजे उसने अपनी पत्नी लीलावती की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए अपनी मां बासमती कुशवाहा की मदद से शव को पुराने घर में ले जाकर फांसी पर लटकाने की कोशिश की। प्रयास में असफल होने पर शव को जमीन पर लिटाकर शोर मचाना शुरू कर दिया था।
पुलिस ने आरोपी अंगद प्रसाद कुशवाहा और उसकी मां बासमती कुशवाहा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस अंधे कत्ल का त्वरित पर्दाफाश करने में चौकी प्रभारी उनि. बी.एल. बंसल, सउनि विजय अग्निहोत्री, लेखचन्द्र डोहर, प्र.आर. राज कुमार शाक्य, मो. कौसर, सुमत कोल, हेमराज पटेल, संतोष साकेत, बलराज सिंह, म.प्र.आर. सविता सिंह, आर. प्रताप सिंह, अनिल सिंह, प्रवीण तिवारी और सै. रावेन्द्र मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।













