विपक्ष के प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी से मिले शरद पवार, सुप्रिया सुले; सियासी अटकलें तेज
संसद परिसर में हुई मुलाकात, परिसीमन विधेयक और एनडीए में संभावित समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान जहां विपक्षी दल केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार तथा लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद इसे मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, राज्यसभा सांसद शरद पवार और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान शरद पवार ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी स्वयं शरद पवार का स्वागत करते और दोनों नेताओं को सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत करते देखा गया।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार संसद में परिसीमन विधेयक को दोबारा पेश करने की तैयारी कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधेयक पारित कराने के लिए सरकार विभिन्न दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में एनसीपी (शरद पवार गुट) के सांसदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इससे पहले एनसीपी (शरद पवार गुट) ने संकेत दिए थे कि यदि सरकार देशभर में 50 प्रतिशत सीटों की समान बढ़ोतरी का लिखित आश्वासन देती है, तो पार्टी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार होगी। हाल ही में सुप्रिया सुले ने भी कहा था कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही पार्टी इस विषय पर आगे विचार करेगी।
वहीं, शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने या दोनों एनसीपी गुटों के संभावित विलय को लेकर भी राजनीतिक अटकलें तेज हैं। हालांकि, सूत्रों के अनुसार भाजपा का रुख है कि किसी भी संभावित राजनीतिक साझेदारी से पहले एनसीपी के दोनों गुटों के बीच मतभेद समाप्त होना आवश्यक है। फिलहाल इस मुलाकात को लेकर दोनों पक्षों की ओर से कोई औपचारिक राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है।













