विस्थापित परिवारों को समय पर मिले पुनर्वास के सभी लाभ, उद्योगों में प्राथमिकता से दें रोजगार : प्रभारी मंत्री संपतिया उईके
ट्रॉमा सेंटर से मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने वाले एम्बुलेंस चालकों पर होगी एफआईआर, डीएमएफ के पुराने कार्य पहले होंगे पूरे

सिंगरौली। मध्यप्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री संपतिया उईके ने जिले के विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विस्थापन से प्रभावित प्रत्येक परिवार को पुनर्वास एवं विस्थापन नीति के तहत मिलने वाले सभी लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में विस्थापित परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रयास किए जाएं, ताकि प्रभावित परिवारों की आजीविका सुरक्षित हो सके।प्रभारी मंत्री कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अंतरविभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर गौरव बैनल ने जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों एवं प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जिले से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
मरीजों को गुमराह करने वाले एम्बुलेंस चालकों पर होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने जिला चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि अस्पताल आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने के लिए गुमराह करने वाले निजी एम्बुलेंस चालकों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी व्यक्ति को मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।उन्होंने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, साफ-सफाई एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में पंचायत क्लस्टर बनाकर नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, नि:शुल्क जांच एवं दवा वितरण की व्यवस्था करने के लिए कहा।
डीएमएफ के पुराने कार्य पूरे होने के बाद ही नए कार्यों को मंजूरी
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (डीएमएफ) की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से स्वीकृत पुराने निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराया जाए। पुराने कार्य लंबित रहने की स्थिति में नए निर्माण कार्यों को स्वीकृति नहीं दी जाए।उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युतीकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण एवं जनहितकारी कार्यों के लिए किया जाए, जिससे जिले के लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
शॉपिंग प्लाजा विस्थापित व्यापारियों की समस्या पर दिए जांच के निर्देश
बैठक में सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह ने शॉपिंग प्लाजा से विस्थापित व्यापारियों की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि लगभग दो वर्ष पहले व्यापारियों को स्थानांतरित किया गया था, लेकिन अब तक न तो नई दुकानों का आवंटन हुआ और न ही प्लाजा का निर्माण पूरा हो पाया है। इससे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है।इस पर प्रभारी मंत्री ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि 10 दिवस के भीतर शॉपिंग प्लाजा का संस्थागत परीक्षण कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले संविदाकारों को ब्लैकलिस्ट करने एवं अनुबंध के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा और छात्रावास व्यवस्थाओं को लेकर दिए निर्देश
प्रभारी मंत्री ने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जर्जर विद्यालय भवनों का समय पर सुधार कराया जाए तथा विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश सहित अन्य आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए।उन्होंने संदीपनि विद्यालयों में संचालित बसों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, छात्रावासों का संयुक्त निरीक्षण कराने, सीसीटीवी कैमरे लगवाने तथा छात्रावास अधीक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा और कृषि क्षेत्र पर भी दिया जोर
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों का सर्वे कर शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने किसानों की आवश्यकता के अनुसार खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों ने भी रखे क्षेत्रीय मुद्दे
बैठक में राज्यमंत्री राधा सिंह ने कहा कि ऐसे मझरे-टोले जहां 20 से कम परिवार निवासरत हैं, वहां भी डीएमएफ मद से विद्युतीकरण कार्य कराए जाएं। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने और सौंदर्यीकरण कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।सांसद डॉ. राजेश मिश्र ने बताया कि जल्द ही सिंगरौली जिले में टेलीमेडिसिन के माध्यम से एम्स की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने स्वीकृत 100 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में विधायक राजेंद्र मेश्राम, विधायक विश्वामित्र पाठक, महापौर रानी अग्रवाल, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय, भाजपा जिलाध्यक्ष सुंदरलाल शाह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना और जिले का समग्र विकास सुनिश्चित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।













