सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अब बिना पर्यावरण मंजूरी शुरू नहीं होगा कोई नया प्रोजेक्ट

नई दिल्ली। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी नए औद्योगिक या विकास परियोजना पर काम शुरू करने से पहले पर्यावरणीय मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। परियोजना शुरू होने या पूरी होने के बाद मंजूरी देने की व्यवस्था अब लागू नहीं रहेगी।
शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार के वर्ष 2021 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत कंपनियों को पहले परियोजना शुरू करने और बाद में पर्यावरणीय मंजूरी लेने की अनुमति थी। कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के बाद अनुमति देना कानून और पर्यावरण संरक्षण के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल भविष्य की परियोजनाओं पर लागू होगा। जिन परियोजनाओं को 2021 के आदेश के तहत पहले ही पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है, उन पर इस फैसले का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और उनका संचालन पूर्ववत जारी रहेगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने यह फैसला सुनाया। इस मामले में छह दिनों तक विस्तृत सुनवाई हुई थी और 1 अप्रैल 2026 को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत के इस निर्णय को पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।













