लोकसभा से जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक पारित, हंगामे के बीच सोमवार तक स्थगित हुई कार्यवाही

नई दिल्ली। लोकसभा ने शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश किए गए इस विधेयक को बिना चर्चा के मंजूरी मिली। इसके बाद लगातार जारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संशोधन विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में बदलाव कर पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है। नए प्रावधान के अनुसार यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के एक वर्ष बाद, लेकिन दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवल जिला मजिस्ट्रेट, एसडीएम या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति से ही हो सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे समय पर पंजीकरण को बढ़ावा मिलेगा और विलंबित मामलों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
विधेयक पारित होने के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व के विधेयकों पर चर्चा के बजाय हंगामा करना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने विपक्ष से विधायी कार्यों में रचनात्मक सहयोग करने की अपील की।
हालांकि विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के चलते सदन में सामान्य कार्यवाही नहीं हो सकी, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने बैठक सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।













