एनएएलएसएआई (NALSAR) के छात्रों ने दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के आमंत्रण पर जताई आपत्ति, वीसी को लिखा पत्र

हैदराबाद। नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (एनएएलएसएआई) के आगामी दीक्षांत समारोह को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। संस्थान से ग्रेजुएट होने वाले छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को मुख्य अतिथि बनाए जाने के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है और इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
छात्रों ने यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया है कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के संवैधानिक अधिकारों, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और शिकायतों पर तर्कसंगत विचार करने के मूल्यों को प्रतिबिंबित करने वाला होना चाहिए।
छात्रों का यह विरोध हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ी याचिका पर हुई सुनवाई और कथित तौर पर तत्काल सुनवाई से इनकार किए जाने से उपजा है।
छात्रों की नाराजगी के प्रमुख कारण:
न्यायिक टिप्पणियों पर असंतोष: छात्रों ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि हाल ही में एक मामले की तत्काल सुनवाई की मांग के दौरान सामने आई टिप्पणियों और पुलिस कार्रवाई के वीडियो सबूतों को देखने से कथित तौर पर इंकार किए जाने से वे आहत हैं।
घायलों और मानवाधिकारों का मुद्दा: पत्र में बताया गया है कि पूर्व में भेजी गई याचिका में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित 170 से अधिक लोगों के घायल होने का जिक्र करते हुए पुलिस ज्यादती पर संज्ञान लेने की मांग की गई थी।
संघात और मूल्य: छात्रों का कहना है कि उन्होंने संस्थान में जिन संवैधानिक और न्यायिक मूल्यों की शिक्षा ली है, उसके मद्देनजर वे ऐसे व्यक्ति से डिग्री प्राप्त करने में असहज महसूस कर रहे हैं, जिनके हालिया सार्वजनिक रुख को लेकर प्रदर्शनकारियों के प्रति संवेदनशीलता न दिखाने की खबरें आई हैं।
प्रशासन से की गई मांग
ग्रेजुएट होने वाले छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से आग्रह किया है कि सीजेआई को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने मांग की है कि किसी भी अंतिम और औपचारिक निमंत्रण से पहले छात्रों के साथ विचार-विमर्श किया जाए तथा इस संवेदनशील विषय पर बातचीत का अवसर प्रदान किया जाए।













